औद्योगिक भूखंडों के आबंटन के लिए नियम एवं विनियम और अन्य पहलु
कृपया नई औद्योगिक नीति (२००९) को ईस लिंक पर देखें| यह दस्तावेज आप की जानकारी के लिए यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है|
1. आवेदन फार्म
आवेदन कैसे करें : आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ निर्धारित आवेदन पत्र पर अपना आवेदन रजिस्टर करना है :
- डिमांड ड्राफ्ट (अप्रतिदेय और असमायोज्य) के रूप में 10,000/-रु0 का प्रक्रिया शुल्क ।
- संबंधित धनराशि के लिए डिमांड ड्राफ्ट / बैंक ड्राफ्ट के रूप में देय रजिस्ट्रेशन फीस : क. 4000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों के लिए : 1 लाख रु0 ख. 4000 से अधिक और 8000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों के लिए : 2 लाख रु0 ग. 8000 वर्ग मीटर से अधिक के भूखंडों के लिए : आवेदन किए गए भूखंड के कुल प्रीमियम का 2 %
नोट : सभी डिमांड ड्राफ्ट / बैंक ड्राफ्ट ‘ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण’ के नाम और नई दिल्ली / नोएडा /ग्रेटर नोएडा में देय होने चाहिए । दोनों भुगतान अलग-अलग डिमांड ड्राफ्ट से किए जाने हैं ।
- परियोजना रिपोर्ट : विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में निम्नलिखित शामिल होना चाहिए : प्रमोटर की पृष्ठभूमि, उत्पाद का विवरण और उसकी बाजार संभावना, आवेदन की गई भूमि का क्षेत्रफल और संभावित/अस्थायी प्रयोग के लिए उसका विवरण, भूमि योजना, निर्माण सारणी, उत्पाद प्रक्रिया फ्लो चार्ट, अनुमानित नकद प्रवाह का विवरण, कुल परियोजना लागत, कुल निवेश जिसमें भवन, संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश शामिल है, धन के स्रोत आदि ।
- वित्तीय / तकनीकी सहायक दस्तावेज : आवश्यक संकल्प, आयकर विवरण और वित्तीय / तकनीकी सहायता से संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदक कंपनी / प्रमोटर के पिछले तीन वर्षों का तुलन पत्र । इस तरह, सभी तरह से पूर्ण आवेदन फार्म, प्राधिकरण के किसी कार्य दिवस में प्रात: 10 बजे से सायं 4 बजे के बीच ग्राहक संबंध प्रकोष्ठ पर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने चाहिए ।
2. आबंटन पत्र
आबंटन की प्रक्रिया : इस प्रयोजन के लिए निर्दिष्ट/गठित समिति द्वारा आवेदनों की जांच की जाती है । जो परियोजनाएं इस समिति द्वारा प्रथम दृष्टया स्वीकृत की जाती हैं, निर्दिष्ट समिति के समक्ष प्रमोटर के साथ आमने-सामने विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित की जाएंगी । प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन के पश्चात् सफल आवेदकों को आबंटन पत्र जारी कर दिए जाएंगे । असफल आवेदकों को जमा की गई रजिस्ट्रेशन राशि की वापसी के साथ सूचित किया जाएगा ।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन से, ऐसे अनुमोदन के एक सप्ताह के अंदर इस शर्त के साथ महाप्रबंधक (उद्योग) द्वारा आबंटन पत्र जारी कर दिए जाएंगे कि इकाई तीन माह के अंदर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करेगी ।
3. भुगतान की शर्तें एवं स्वामित्व
एसएसआई यूनिट / गैर-एसएसआई यूनिट
- आबंटी को आबंटन पत्र जारी किए जाने की तारीख से 30 दिनों के अंदर आबंटन राशि के रूप में (पहले भुगतान की गई रजिस्ट्रेशन राशि के समायोजन के पश्चात्) कुल प्रीमियम के 30 % का भुगतान सुनिश्चित करना होगा । इस अवधि के लिए कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा । नियत समय में आबंटन राशि का भुगतान न करने की स्थिति में आबंटन निरस्त कर दिया जाएगा । आबंटन राशि जमा करने के लिए कोई समय विस्तार नहीं दिया जाएगा । तथापि, विशेष परिस्थितियों में, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी भुगतान के लिए अतिरिक्त अवधि प्रदान कर सकते हैं । ऐसे मामलों में, आबंटी को ऐसी बढ़ाई गई अवधि के लिए 14 % की दर से अर्द्ध-वार्षिक मिश्रित ब्याज का भुगतान करना होगा ।
- प्रीमियम की शेष राशि का भुगतान 11 % की वार्षिक ब्याज दर के साथ 10 अर्द्ध-वार्षिक किस्तों में करना होगा । आबंटी द्वारा भुगतान में किसी विलंब की स्थिति में प्राधिकरण का आबंटन/पट्टा निरस्त करने का अधिकार सुरक्षित है । ब्याज के साथ ऐसी प्रथम किस्त, आबंटन पत्र जारी किए जाने की तारीख के 6 माह के पश्चात् 30 जून अथवा 31 दिसंबर, जो भी पहले हो, को देय होगी ।
- निश्चित तारीख के पश्चात् किस्त के भुगतान के लिए प्रदान की गई किसी अतिरिक्त समयावधि के लिए 14 % की दर से वार्षिक ब्याज देना होगा । यह ब्याज चूक अवधि के लिए चूक राशि पर लिया जाएगा ।
- आबंटी, भूखंड के वास्तविक क्षेत्रफल के प्रीमियम का भुगतान करेगा । यदि क्षेत्रफल में कोई अंतर है, सभी भुगतान उस समय जारी दर पर किए जाएंगे और 30 दिनों के अंदर किए जाएंगे । यदि यह अंतर 10 % से अधिक है तो आबंटी को आबंटन के समर्पण का विकल्प होगा ।
- यदि भूमि अधिग्रहण की दर में कोई वृद्धि होती है तो आबंटी, भूमि के लागत के अनुपात में अतिरिक्त धनराशि का भुगतान करेगा ।
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- क. औद्योगिक भूखंड ‘जैसा है, जहां है’ आधार पर 90 वर्षों के लिए पट्टे पर आबंटित किए जाएंगे ।
- ख. आबंटी प्रतिवर्ष कुल प्रीमियम के 2.5 % की दर से पट्टा प्रलेख का भुगतान करेगा । पट्टा प्रलेख के भुगतान में प्रत्येक 10 वर्ष में वृद्धि की जा सकती है । तथापि, यह वृद्धि पिछले कुल प्रभार के 50 % से अधिक नहीं होगी ।
- ग. आबंटी को एकबारीय भुगतान के रूप में प्रभारित 11 वर्ष का पट्टा प्रलेख जमा करने का विकल्प दिया जाएगा जिसे समग्र अवधि के लिए कुल प्रभार के लिए समायोजित किया जाएगा । यदि आबंटी परिवर्तित होता है/हस्तांतरण होता है, पट्टा प्रलेख के रूप में कोई राशि नहीं ली जाएगी ।
4. पट्टा विलेख
- आबंटन की तारीख से 18 माह के अंदर पट्टा विलेख का निष्पादन अनिवार्य है । कुल प्रीमियम के 3 % के बराबर दण्ड शुल्क के भुगतान पर 6 माह का समय विस्तार प्रदान किया जा सकता है । यदि दो वर्ष की समाप्ति के बाद भी पट्टा विलेख निष्पादित नहीं किया जाता, भूखंड का आबंटन निरस्त कर दिया जाएगा ।
- पट्टा विलेख के निष्पादन की तारीख, भूखंड का स्वामित्व सौंपने की तारीख मानी जाएगी ।
5. उत्पादन प्रारंभ करने के लिए समय-सीमा और समय वृद्धि
इकाईयों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे आबंटन की तारीख से 36 माह के अंदर कार्य प्रारंभ कर दें । यदि प्रत्येक प्रयास करने के बावजूद इकाई कार्य प्रारंभ नहीं करती तो इकाई को समय विस्तरण के लिए लिखित अनुरोध करना होगा । समय विस्तार निम्नलिखित शर्तों पर दिया जाएगा :
- महाप्रबंधक (उद्योग) के अनुमोदन से कुल प्रीमियम के 4 % के बराबर दण्ड शुल्क का भुगतान करने पर एक वर्ष की समय वृद्धि प्रदान की जा सकती है ।
- विलंब के उचित कारण और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन से कुल प्रीमियम के 6 % के बराबर दण्ड शुल्क का भुगतान करने पर अधिकतम एक वर्ष की दूसरी समय वृद्धि प्रदान की जा सकती है ।
- यदि दो बार समय वृद्धि के बाद भी इकाई कार्य करना प्रारंभ नहीं करती है तो इकाई को विलंब के कारणों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए तीसरे समय विस्तार के लिए आवेदन करना होगा । 8 % के बराबर जुर्माने का भुगतान करने पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा यदि विशेष परिस्थितियां विश्वसनीय पाई जाती हैं, अधिकतम एक वर्ष के लिए और समय वृद्धि प्रदान की जा सकती है ।
- उपर्युक्त तीन समय वृद्धियों के अतिरिक्त कोई समय वृद्धि प्रदान नहीं की जाएगी ।
6. समय से पूर्व – उत्पादन प्रोत्साहन
इकाई द्वारा समय से पूर्व उत्पादन प्रारंभ करने के लिए निम्नलिखित शर्तों पर 50 रु0 प्रति वर्ग मीटर की दर से प्रोत्साहन दिया जाएगा :
- इकाई को आबंटन की तारीख से दो वर्ष के अंदर उत्पादन प्रारंभ करना होगा ।
- आबंटित भूखंड के अनुमन्य आच्छादित क्षेत्रफल के न्यूनतम 50 % का निर्माण करना होगा ।
- इकाई को उत्पादन प्रारंभ होने की तारीख से 6 माह के अंदर उत्पादन प्रोत्साहन के लिए आवेदन करना होगा ।
- विलंब से प्राप्त आवेदनों पर निम्न प्रकार से दण्ड शुल्क लगाया जा सकता है :
- एक माह के विलंब से प्राप्त आवेदनों के लिए : 1/-रु0 प्रति वर्ग मीटर
- दो माह के विलंब से प्राप्त आवेदनों के लिए : 2/-रु0 प्रति वर्ग मीटर
- तीन माह के विलंब से प्राप्त आवेदनों के लिए : 3/-रु0 प्रति वर्ग मीटर
- नौ माह के पश्चात् प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा । समय से पूर्व उत्पादन प्रोत्साहन राशि, प्रीमियम की अंतिम देय किस्त में समायोजित की जाएगी । यदि पहले ही पूरा भुगतान किया जा चुका है तो प्रोत्साहन का भुगतान चैक के माध्यम से किया जाएगा ।
7. औद्योगिक भूखंडों का समर्पण
- आबंटन निरस्त किए जाने से पहले आबंटी भूखंड का समर्पण कर सकता है ।
- यदि पट्टा प्रलेख निष्पादित किया जा चुका है तो समर्पण विलेख भी निष्पादित किया जाए ।
- पूर्ण प्रीमियम और आबंटी द्वारा जमा की गई ब्याज पूर्ण रूप में वापस कर दी जाएगी ।
- यदि पट्टा विलेख निष्पादित किया जा चुका है और स्वामित्व लिया जा चुका है, पूर्ण प्रीमियम और ब्याज वापस कर दिया जाएगा ।
तथापि, समर्पण की तारीख तक पट्टा किराया, समय विस्तार फीस और अन्य प्रभार काट लिए जाएंगे ।
8. समय सीमा और समर्पण स्वीकार करने के लिए स्तर
- समर्पण, आवेदन प्राप्त होने की तारीख से 15 दिनों के अंदर महाप्रबंधक (उद्योग) द्वारा स्वीकार किए जाएंगे ।
- महाप्रबंधक (उद्योग) द्वारा समर्पण के अनुमोदन के पश्चात् अनुमोदन की तारीख से 15 दिनों के अंदर धनराशि वापस कर दी जाएगी ।
9. औद्योगिक भूखंड / इकाईयों का हस्तांतरण
- हस्तांतरण की अनुमति, इकाई के कार्य प्रारंभ (आबंटी को क्रियाशीलता प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेना चाहिए) कर देने के पश्चात् ही प्रदान की जाएगी । इस प्रयोजन के लिए अपेक्षित प्रपत्र में महाप्रबंधक (उद्योग) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाए ।
- भूखंड के प्रीमियम और किसी अन्य बकाया राशि, यदि कोई हो, के पूर्ण भुगतान के बाद ही हस्तातंरण की अनुमति दी जाएगी ।
- प्राधिकरण प्रत्येक हस्तांतरण पर हस्तांतरण प्रभारों के रूप में आबंटन की लागू दरों पर परिगणित भूखंड के कुल प्रीमियम का 5 % प्रभार लेगा ।
- स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी / कंपनियों में शेयरों के हस्तांतरण के माध्यम से हुए हस्तांतरण पर कोई हस्तांतरण प्रभार नहीं लिए जाएंगे ।
10. भूखंड का आबंटन निरस्त करना
निम्नलिखित कारणों से आबंटित भूखंड निरस्त किए जा सकते हैं :
- निर्धारित नियत तारीख के अंदर ब्याज के साथ भुगतान के लिए अपेक्षित क्रमश: दो किस्तों का भुगतान न करना ।
- बढ़ाई गई समय अवधि में भी पट्टा प्रलेख न करना ।
- बढ़ाई गई समय अवधि की समाप्ति के पश्चात् भी इकाई द्वारा कार्य प्रारंभ न किया जाना ।
- उपर्युक्त किसी कारण से निरस्तीकरण के पश्चात् कुल प्रीमियम की अधिकतम 20 % राशि काट ली जाएगी और शेष जमा प्रीमियम राशि, ब्याज के बगैर वापस कर दी जाएगी । यदि कुल प्रीमियम राशि की 12 % राशि जमा नहीं की गई है, संपूर्ण जमा राशि जब्त कर ली जाएगी।
- यदि आबंटन प्राप्त करने के लिए गलत सूचना प्रस्तुत करने और/अथवा पट्टा प्रलेख की किसी शर्त का उल्लंघन करने के कारण आबंटन निरस्त किया जाता है तो संपूर्ण जमा राशि जब्त कर ली जाएगी ।
11. निरस्त आबंटन की बहाली
आबंटन के निबंधनों एवं शर्तों के उल्लंघन के कारण किए गए निरस्तीकरण के लिए निम्नलिखित शर्तों पर उस समय जारी मूल प्रीमियम के 10 % की दर से पुर्नस्थापन प्रभारों के भुगतान के पश्चात् बहाली पर विचार किया जा सकता है ।
- निरस्तीकरण की तारीख से 60 दिनों के अंदर महाप्रबंधक (उद्योग) के कार्यालय में बहाली के लिए आवेदन का प्राप्त होना अनिवार्य है ।
- बहाली की अनुमति तभी दी जा सकती है जब इकाई ने कुल प्रीमियम का 50 % जमा कर दिया हो और उस तारीख तक अन्य सभी बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया हो ।
12. औद्योगिक भूखंडों के लिए संविधान परिवर्तन
संविधान परिवर्तन के लिए महाप्रबंधक (उद्योग) को आवेदन करना होगा । संविधान परिवर्तन के साथ स्वामित्व का अधिकार परिवर्तन नहीं होना चाहिए अन्यथा हस्तांतरण के प्रावधान लागू होंगे ।
स्वामित्व अधिकार का अर्थ है कि मूल आबंटी / आबंटियों के पास न्यूनतम 51 % शेयर हैं ।
यदि ऐसा पाया जाता है कि स्वामित्व के अधिकारों में परिवर्तन, इकाई के कार्य प्रारंभ करने से पूर्व संविधान परिवर्तन के माध्यम से किया जाता है, ऐसे हस्तांतरण को अवैध माना जाएगा और आबंटन निरस्त कर दिया जाएगा । इकाई के कार्य प्रारंभ कर देने के पश्चात् संविधान में ऐसे परिवर्तन की अनुमति, अनुपात रूप में प्रीमियम की 5 % राशि जमा करने पर दी जाएगी ।
12(क) भागीदारी के लिए स्वामित्व
निम्नलिखित शर्तों के साथ स्वामित्व से भागीदारी के लिए संरचना में परिवर्तन की अनुमति देने का प्रस्ताव है ।
संरचना में परिवर्तन के लिए अनुरोध के साथ भागीदारी विलेख की एक अनुप्रमाणित प्रति और फर्म रजिस्ट्रार द्वारा जारी किए फार्म A और B प्रस्तुत किए जाने चाहिए । उपर्युक्त के अतिरिक्त, नए पदधारक से संबंध का एक शपथ-पत्र भी देना होगा ।
12(ख) भागीदारी विलेख में भागीदार का परिवर्तन
भागीदार अथवा भागीदारी विलेख में परिवर्तन के लिए अनुरोध के साथ विघटन विलेख की एक अनुप्रमाणित प्रति, नई भागीदारी विलेख, फर्म रजिस्ट्रार द्वारा जारी किए फार्म क और ख तथा भागीदारों के बीच संबंध दर्शाते हुए एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना अपेक्षित होगा ।
12(ग) इकाई का प्राइवेट लि0 / लि0 कंपनी में परिवर्तन
वर्तमान आबंटी द्वारा परिवर्तन के लिए अनुरोध के साथ संगम अनुच्छेद और संगम ज्ञापन की प्रतियां, निगमीकरण का प्रमाण पत्र, चार्टर्ड लेखाकार द्वारा विधिवत प्रमाणित शेयरधारकों / निदेशकों की सूची, आर ओ सी द्वारा विधिवत स्वीकृत फार्म 32 और कंपनी के अध्यक्ष द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित बोर्ड का संकल्प प्रस्तुत करना होगा ।
13. उत्पाद परिवर्तन / वृद्धि
- परियोजना रिपोर्ट के साथ आवेदन प्रस्तुत करने पर नए उत्पाद परिवर्तन / उत्पाद की वृद्धि की अनुमति दी जा सकती है ।
- केवल ऐसे उत्पादों के लिए ही उत्पाद परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी जो प्राधिकरण की निषेध सूची में वर्गीकृत नहीं है ।
- उत्पादों के परिवर्तन की अनुमति महाप्रबंधक (उद्योग) द्वारा दी जाएगी ।
14. भूखंड को बंधक रखना
- भूखंड को बंधक रखने की अनुमति दी जा सकती है यदि पहले आबंटन निरस्त न किया गया हो अथवा उत्पादन शुरू करने की समय सीमा समाप्त न हुई हो ।
- भूखंड को बंधक रखने की स्थिति में प्राधिकरण का प्रथम उत्तरदायित्व होगा और आबंटी समय समय पर नियमित रूप से प्राधिकरण को देय राशि का भुगतान करेगा । बंधक रखने की अनुमति परियोजना के वित्तपोषण के लिए प्रदान की जाएगी ।
- अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन से महाप्रबंधक (उद्योग) द्वारा बंधक रखने की अनुमति प्रदान की जाएगी ।
15. पट्टा किराया
प्रतिवर्ष कुल प्रीमियम के 2.5 % की दर से पट्टा किराए का भुगतान किया जाएगा । एकमुश्त भुगतान की स्थिति में यह किराया कुल प्रीमियम का 11 गुना (27.5 % ) होगा । वार्षिक पट्टा किराए के भुगतान में चूक पर, चूक अवधि के लिए 14 % का वार्षिक ब्याज देय होगा ।
16. इकाइयों को चालू घोषित करना
निम्नलिखित सूचीबद्ध दस्तावेज प्रस्तुत करने के पश्चात् औद्यागिक इकाइयों को क्रियाशील घोषित किया जाएगा ।
किसी इकाई को क्रियाशील घोषित करने का अधिकार महाप्रबंधक (उद्योग) के पास है
- पीएमटी / एसएसआई रजिस्ट्रेशन / केंद्रीय उत्पाद विभाग के प्रमाण पत्र (उत्पादन के प्रांरभ होने की तारीख के साथ) / व्यापार कर छूट आदेश / व्यापार कर आकलन आदेश की सत्यापित प्रतियां ।
- यह उल्लेख करते हुए भवन का निर्माण पूरा होने का प्रमाण पत्र कि इकाई के कुल अनुमन्य आच्छादित क्षेत्र के 50 % का निर्माण कर लिया गया है और संबंधित सक्षम प्राधिकारियों से आग एवं अन्य अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिए गए हैं ।
- पट्टा विलेख / हस्तांतरण बिक्री विलेख, जो भी लागू हो, किया गया है ।
- प्राधिकरण से अदेण्ता प्रमाण पत्र ।
- उपर्युक्त के अलावा, अतिरिक्त दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं : ईएसआई रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, भविष्य निधि रजिस्ट्रेशन, फैक्ट्री अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन / बिजली उपभोक्ता बिल / टेलीफोन बिल (यह प्रमाणित करने के लिए कि इकाई चालू है)
- यदि प्राधिकरण, इकाई को क्रियाशील घोषित करता है तो कार्य प्रारंभ करने की तारीख उत्पादन प्रारंभ होने की तारीख के रूप में पैरा 16 की क्रम सं. 1 पर दस्तावेज में उल्लिखित तारीख होगी चाहे आबंटी / पट्टाधारक अपना अनुरोध बाद में प्रस्तुत क्यों न करे ।
विशेष मामलों में उपर्युक्त प्रपत्रों की अनुपस्थिति में एक समिति इकाई का स्थतीय निरीक्षण करेगी ताकि इकाई के चालू होने की तिथि निर्धारित की जा सके । इस समिति में महाप्रबंधक (उद्योग), महाप्रबंधक (योजना) और महाप्रबंधक (परियोजना) शामिल होंगे ।
17. इकाइयों को किराए पर देने का प्रावधान
इकाइयों को विशेष रूप से निम्नलिखित शर्तों पर किराए पर दिया जा सकता है :
- औद्योगिक इकाई को क्रियाशील घोषित कर दिया गया है और भवन कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र पहले ही जारी किया जा चुका है ।
- किराए पर देने का प्रस्ताव संपूर्ण इकाई के लिए है ।
- इकाई को आंशिक रूप में किराए पर देने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
- प्राधिकरण को नियमित रूप से भुगतान किए जा रहे हैं ।
- पट्टा विलेख / हस्तांतरण विलेख / बिक्री विलेख, जो भी लागू हो, निष्पादित कर दिए गए हैं ।
- यदि बंधक रखने के लिए अनुमति दी गई है, ऋणदाता संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र आवश्यक होगा ।
- उत्पाद और परियोजना की एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ।
- नई परियोजनाएं प्रदूषण से मुक्त हों और परियोजनाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए ।
- प्रथम 10 वर्ष के लिए आबंटित भूमि के संपूर्ण क्षेत्र हेतु लिए जाने वाले किराए का निर्धारण समय समय पर प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा । 10 वर्षों के लिए वर्तमान दर कुल क्षेत्रफल पर 100/- रुपए प्रति वर्ग मीटर है ।
- यदि कोई किराएदार 10 वर्षों के अंदर क्षेत्र को खाली करता है, शेष अवधि के लिए आबंटी को किराए पर देने के लिए पुन: अनुमति प्राप्त करनी होगी ।
- यह अनुमति प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रदान की जाएगी ।
18. समूह के नियम
- बाजार की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए टॉय सिटी में सभी प्रकार के उत्पादों के लिए आबंटन दिए जाएंगे ।
- कोई महिला अथवा महिलाओं का समूह ही महिला उद्यमी पार्क में इकाइयों / भूखंडों का स्वामी हो सकता है ।
- धातु, तार, केबल, फर्नीचर और वस्त्रों के लिए आरक्षित क्षेत्र में समान प्रकार के उत्पादों को ही अनुमति दी जाएगी ।
19. औद्योगिक सुविधाएं
औद्योगिक सेक्टर में निम्नलिखित औद्योगिक सुविधाओं की अनुमति दी जाएगी और उस क्षेत्र में लागू औद्योगिक दर के डेढ़ गुना पर आबंटन किया जाएगा :
- भंडारगृह
- अनुसंधान और विकास केंद्र
- उपकरण कक्ष
- परीक्षण प्रयोगशाला
- अनुरक्षण और मशीनरी की पार्किंग
- तुला सेतु
- केबल टीवी नेटवर्क







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