प्रदर्शनी केंद्र | ताज एक्सप्रेस मार्ग | ताज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा | सामाजिक – सांस्कृतिक केंद्र | परिवहन केंद्र | नाइट सफारी
प्रदर्शनी केंद्र
ग्रेटर नोएडा में कुटीर एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए यह भारत का पहला अत्याधुनिक प्रदर्शनी केंद्र होगा । इस केंद्र की स्थापना कुटीर क्षेत्र अर्थात् हस्तशिल्प, हथकरघा, कालीन और जूट आदि के लिए भारत से हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा की गई है । यह शंघाई मार्ट और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मार्ट की पद्धति पर आधारित है । इस संपूर्ण प्रदर्शनी केंद्र में विश्वसनीय आपूर्ति, शीघ्र कामकाज, नई प्रौद्योगिकी और डिजाइन के समावेश की क्षमता और चौबीसो घंटे अंतर्राष्ट्रीय विपणन की सुविधा होगी ।
ताज एक्सप्रेस मार्ग
ताज एक्सप्रेस मार्ग की इस परियोजना को पूरा करने के लिए दिनांक 20.4.2001 को औद्योगिक विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई थी । ताज एक्सप्रेस मार्ग के किनारे निर्माण के लिए प्रस्तावित ताज आर्थिक क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और विमानन केंद्र के लिए यह सीधा संपर्क प्रदान करेगा । प्रस्तावित एक्सप्रेस मार्ग के निम्नलिखित उद्देश्य हैं :-
- यात्रा समय को कम से कम करने के लिए तेज गति के कॉरीडोर की व्यवस्था
- यमुना नदी के पूर्वी तट पर मुख्य नगरों और व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ना
- समीपस्थ क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करना
- राष्ट्रीय राजमार्ग 2 को राहत देना जिस पर पहले से ही भीड़ है और जो फरीदाबाद, बल्लभगढ़ एवं पलवल जैसे शहरों के बीच से गुजरता है ।
ताज एक्सप्रेस मार्ग की अवधारणा, ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच यात्रा दूरी में कमी करने के उद्देश्य से की गई थी । इसकी लंबाई 160 किमी. है । ताज एक्सप्रेस मार्ग, नोएडा से ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 6 लेन के एक्सप्रेस मार्ग का विस्तार है । इस एक्सप्रेस मार्ग के माध्यम से ग्रेटर नोएडा के समीप ताज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से ताज महल की दूरी मात्र 100 मिनट की होगी ।
ताज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
पर्यटन, कार्गो, विमानन और गैर विमानन सुविधाएं प्रदान करने के लिए ग्रेटर नोएडा के समीप अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की योजना बनाई गई है । ताज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सीधा ताज एक्सप्रेस मार्ग से जुड़ा होगा जो डीएनडी फ्लाईओवर और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस मार्ग से होते हुए नई दिल्ली से जुड़ा है । डीएनडी फ्लाईओवर और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस मार्ग का प्रचालन पहले ही शुरू हो चुका है ।
सामाजिक – सांस्कृतिक केंद्र
कपारो ग्रुप लि0, ग्रेटर नोएडा में एक अद्वितीय सामाजिक – सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना कर रहा है । इस उद्देश्य के लिए 20 एकड़ भूमि पहले ही अनुमोदित और आबंटित कर दी गई है । यह केंद्र व्यापार, विपणन, सार्वजनिक संबंध, मानव संसाधन विकास और सामान्य प्रबंधन के क्षेत्रों में संगठनों, व्यवसाय कार्यपालकों, शिक्षाविदों और पेशेवर विशेषज्ञों को अनौपचारिक बातचीत का अवसर प्रदान करेगा । यह विचारों के आदान – प्रदान और मानवीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी, व्याख्यान, मेलों आदि जैसे सांस्कृतिक, सामाजिक, शैक्षिक और व्यापारिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देगा । इस केंद्र में बोर्ड बैठकों, सेमिनारों, व्याख्यानों और सम्मेलनों के लिए दृश्य-श्रव्य उपकरण, वीडियो कांफ्रेसिंग आदि जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त वातानुकूलित कमरे होंगे जिनमें 200 से 250 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी । इस केंद्र में एक वातानुकूलित पुस्तकालय – सह - प्रलेखन केंद्र भी होगा जिसमें विभिन्न विषयों पर पुस्तकों, प्रकाशनों और पत्रिकाओं का अद्वितीय संग्रह होगा । एक व्यापार केंद्र भी है । 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक सभागार है, कैंटीन के साथ हॉस्टल सुविधाएं हैं, विभिन्न खेल सुविधाएं, स्वास्थ्य क्लब आदि भी हैं ।
परिवहन केंद्र
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लगभग 600 एकड़ क्षेत्र में फैले शहर में एक एकीकृत परिवहन केंद्र का विकास करना चाहता है । प्रस्तावित परिवहन केंद्र, परिवहन की विभिन्न सेवाएं प्रदान करेगा जिनमें एक अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल और रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं । यह बस और रेल पारगमन प्रचालनों के लिए एक प्रमुख अंतरण केंद्र के रूप में कार्य करेगा । इसके अतिरिक्त, इस केंद्र में सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग, गोदाम, पैदल यात्रियों के लिए सूचना सेवाएं और रेल सेवा की भी व्यवस्था होगी ताकि यह एक बहुविध परिवहन केंद्र के रूप में कार्य कर सके । पूर्व से प्रारंभ होने वाला और उत्तर में पर्वतीय स्थलों को जाने वाला यात्री यातायात भी इस स्टेशन का उपयोग करेगा । एकीकृत परिवहन केंद्र के लिए अभिनिर्धारित स्थल, विद्यमान बोड़ाकी रेलवे स्टेशन ही है जो दिल्ली और कोलकाता को जोड़ने वाली मुख्य उत्तरी रेलवे लाइन पर स्थित है ।
नाइट सफारी
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, पर्यावरण और पारस्थितिकी के बारे में जागरूकता लाने, निवासियों को मनोरंजन का एक स्रोत प्रदान करने और ग्रेटर नोएडा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शहर में एक नाइट सफारी के विकास की योजना बना रहा है । इसका विकास, चीन और सिंगापुर में स्थापित खुले चिड़ियाघर की तर्ज पर किया जा रहा है । ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की एक विशेष अवधारणा है जहां दर्शक रात्रि में खुले जंगल में जानवर देख सकें किंतु विशेष क्षेत्रों तक सीमित रहें जहां रात्रि में समुचित प्रकाश की व्यवस्था हो । इसका उद्देश्य ग्रेटर नोएडा को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाना है ।







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