ग्रेटर नोएडा शहर का विकास ‘’फूलों और फव्वारों का शहर’’ विषय पर आधारित है । क्षेत्र में हरियाली के विकास के लिए मास्टर प्लान में 30% भूमि निर्धारित की गई है । शहर में आकर्षक उद्यानों के अलावा विस्तृत क्षेत्र में फैला सुसंगठित हरित्र क्षेत्र है जो क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ाने के साथ-साथ निरंतर स्वच्छ वायु भी प्रदान करता है ।
आज के समय में पेशेवर लोग न केवल काम करने का परिवेश देखते हैं बल्कि एक पर्याप्त सामाजिक अवसंरचना की भी अपेक्षा करते हैं जहां बेहतर जीवनशैली की संभावना हो । प्राधिकरण का यह प्रयास रहा है कि अत्याधुनिक कार्यालय भवन के साथ बेहतरीन आवासीय सुविधाओं और सामाजिक बुनियादी सुविधाओं जैसे स्कूल, अस्पताल, बाजार, सिनेमा घर, स्वास्थ्य केंद्र, मनमोहक फूलों से भरपूर हरे-भरे उद्यानों तथा मनोविनोद व मनोरंजन की सुविधाओं से युक्त परिवेश उपलब्ध हो । यह कहना अतिशियोक्ति नहीं होगी कि ग्रेटर नोएडा में उपर्युक्त सभी सुविधाओं के अतिरिक्त संपूर्ण उत्तर भारत में बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं ।
शहर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सर्वप्रथम बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध अवश्य किया जाना चाहिए । इस प्रकार, स्कूल, कॉलेज, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, दमकल केंद्र, डाक घर, कानून-व्यवस्था कायम रखने वाली सुविधाओं, अन्य नागरिक सुविधाओं और अनुरक्षण सुविधाओं को सर्वप्रथम उपलब्ध कराया जा रहा है । कई अन्य प्रस्ताव भी हैं जो अभी तैयार किए जा रहे है । ये प्रस्ताव कार्यालय एवं व्यावसायिक परिसर, मेगा मॉल, पाँच सितारा/सुपर डीलक्स होटल, बहुमंजिला कार पार्किंग की सुविधा, कला नाट्यगृह, ड्राइव-इन-थिएटर, स्टेडियम एवं खेल परिसर और सूचना एवं सुविधा केंद्र से संबंधित हैं । हस्तशिल्प के निर्यात के लिए देश का पहला ‘भारत प्रदर्शनी विपणन केंद्र’ 55 एकड़ क्षेत्र में फैला है ।
कुछ प्रस्तावित विशेष परियोजानाएं भी हैं जिनमें:
- 150 एकड़ की नाइट सफारी परियोजना
- अभ्यारण्य और वर्ल्ड नेचर गार्डन
शामिल हैं







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