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सुविधाएं


बिजली

ग्रेटर नोएडा में विद्युत वितरण का प्रबंधन वर्ष 1994 से निजी क्षेत्र द्वारा किया जा रहा है । ग्रेटर नोएडा शहर में 400 केवी का एक उपकेंद्र मार्च, 2005 में स्थापित किया गया था ।

इसके अतिरिक्त, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के निकट ही दो बड़े उत्पादन संयंत्रों के कारण ग्रेटर नोएडा में विद्युत की बेहतर एवं निर्बाध आपूर्ति

  • दादरी में एनटीपीसी का 1750 मेगावाट का संयंत्र
  • 10 किमी0 की दूरी पर “रिलायंस एनर्जी’’ द्वारा गैस आधारित कंबाइंड साइकिल पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है जिसका पहला चरण वर्ष 2006 तक चालू हो जाएगा ।

उत्तर भारत में ग्रेटर नोएडा ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां निजी क्षेत्र की भागीदारी में वितरण का कार्य कोई कंपनी कर रही है । नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए पहले ही कार्रवाई शुरु कर दी है ताकि उद्योगों के लिए बिजली की आपूर्ति, 15 दिनों के अंदर कनेक्शन और 30-60 मिनट के अंदर शिकायतों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके ।

दूरसंचार

इस क्षेत्र में दूरसंचार की सुविधाओं के मामले में ग्रेटर नोएडा को सही अर्थों में स्मार्ट और वायर्ड शहर कहा जा सकता है । यह शहर राष्ट्रीय टेलीकॉम नेटवर्क से जुड़ा है जो ऑप्टिकल फाइबर और डिजिटल माइक्रोवेव सिस्टम पर आधारित है । पूर्णत: प्रचालनरत तीन विद्युत केंद्र हैं । नोएडा के निकट ही चालू एक एसटीपीआई में एक अर्थ स्टेशन है । लीज्ड लाइन कनेक्टिविटी और ऑप्टिक फाइबर बैकबोन नेटवर्क सहित यहां अत्याधुनिक उच्च गति डाटा संचार सेवाएं भी हैं । (रिलायंस इन्फोकॉम, टाटा टेलीसर्विस, आरपीजी एन्टरप्राइजेज, पावर ग्रिड कार्पोरेशन ने यहां ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछा दी है ) 650 एमबीपीएस की ब्राडबैंड कनेक्टिविटी का प्रावधान पहले ही कर दिया गया है । इंटरनेट, केबल टीवी, ई-कॉमर्स और ई-गवर्नेंस सेवाओं के लिए पूरे शहर में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा रही है ।

गंगा का पानी

भू-जल के अतिरिक्त, ग्रेटर नोएडा में 85 क्यूसेक जल की व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव है ।

पेट्रोल पंप

2 किमी0 की दूरी पर प्रमुख पहुंच मार्गों के किनारे कोनवेनियो स्टोर के साथ पेट्रोल पंपों के लिए आबंटन किया गया है ।

Security

सुरक्षित माहौल के लिए ग्रेटर नोएडा में कई उपाय किए गए हैं :



  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा निजी सुरक्षा व्यवस्था की गई है ।

  • चौबीसो घंटे गश्त की जाती है ।

सीवर व जल निकासी व्यवस्था

ग्रेटर नोएडा की सीवर व जल निकासी व्यवस्था अन्य शहरों से बेहतर है । ये चौड़ी, ढ़की हुई / भूमिगत हैं । इस शहर में सीवर व जल निकासी नेटवर्क को पूर्णत: डिजाइन किया गया है ।

कचरा प्रबंधन

शहर का कचरा एकत्र करने और मशीन द्वारा सफाई के काम का निजीकरण किया गया है और कचरे के लिए लेंडफिल साइट का भी निजीकरण शीघ्र ही कर दिया जाएगा । जल आपूर्ति और सीवर नेटवर्क के संचालन और अनुरक्षण कार्य का भी शीघ्र ही निजीकरण कर दिया जाएगा । ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान में केवल गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को ही शहर में आने की अनुमति है ताकि विषैले अपशिष्ट पदार्थों का उत्सर्जन न हो ।


ग्रेटर नोएडा में कचरा प्रबंधन का डिजाइन ‘स्रोत पर पृथक्करण’ के आधार पर तैयार किया गया है जिसमें स्रोत स्थान पर ही बायोडिग्रेडेबल और नॉन- बायोडिग्रेडेबल पदार्थों का अलग कर दिया जाता है ।

मनोरंजन और क्लब

इस क्षेत्र के विकास में मनोरंजन के लिए हरित क्षेत्रों जैसे गोल्फ कोर्स, क्लब, प्राकृतिक उद्यान, रात्रि आखेट यात्रा (योजना बनाई जा रही है) पर विशेष बल दिया गया है । गोल्फ कोर्स और क्लब की सदस्यता, क्षेत्र के निवासियों के लिए उपलब्ध है । सभा और सम्मेलन आदि आयोजित करने के लिए पर्याप्त स्थान है । इस शहर में स्टेलर जिमखाना, हैरिटेज क्लब, खेल परिसर, मनोरंजन पार्क (232 एकड़) और विभिन्न मनोरंजन केंद्र हैं ।








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