महत्वपूर्ण लिंक



संपर्क


ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान में संपूर्ण शहर की संरचना इस प्रकार की गई है कि इसे सभी दिशाओं के क्षेत्रों से जोड़ कर सुनियोजित प्रगति सुनिश्चित की जा सके ।

सड़कें

सामरिक रुप से यह शहर नई दिल्ली से 25 किमी0 की दूर है जो डीएनडी फ्लाईओवर और नवनिर्मित 6 लेन के ताज एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है । ग्रेटर नोएडा को आगरा और उससे आगे मुंबई से जोड़ने के लिए ताज एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा है । यह शहर जीटी रोड से कोलकाता से जुड़ा हुआ है ।

राष्ट्रीय राजमार्ग-24 से संपर्क

ग्रेटर नोएडा को राष्ट्रीय राजमार्ग-24 से संपर्क प्रदान करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र इकोटेक-III से राष्ट्रीय राजमार्ग-24 तक एक 60 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है । इस सड़क से क्षेत्र के औद्योगिक विकास में सहायता मिलेगी और राष्ट्रीय राजधानी के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हो जाएगा ।

आंतरिक सड़क नेटवर्क

  • 130 मीटर चौड़े मार्गाधिकार वाली सड़कें मेरुदंड की भांति उत्तरी छोर को दक्षिणी छोर से जोड़ती हैं ।
  • सड़कों का वर्गीकरण (सेक्टर सड़कों की चौड़ाई 60-105 मी0)
  • व्यक्तिगत भूखंडों के लिए 24 मी0 बाह्य लूप और 12 मी0 चौड़ी सड़कें
  • औद्योगिक सड़कें – न्यूनतम 24 मी0 चौड़ी
  • धीमी गति से चलने वाले यातायात पहुंच मार्गों के सर्विस लेन तक सीमित

रेलवे

ग्रेटर नोएडा से नई दिल्ली मुख्य रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए एक घंटे से भी कम समय लगता है । दिल्ली-कोलकाता रेल मार्ग पर बोड़ाकी रेलवे स्टेशन से दक्षिण दिल्ली और ग्रेटर नोएडा बहुत जल्दी पहुंचा जा सकता है । यात्री यातायात के लिए दिल्ली को तीव्र ईएमयू ट्रेन से और माल यातायात के लिए पश्चिमी गलियारे को एक अलग लिंक से जोड़ने की लिए योजना बनाई जा रही है । हावडा-दिल्ली लाइन, ग्रेटर नोएडा से गुजर रही है । इसी लाइन पर बोड़ाकी में सिटी रेलवे स्टेशन का विकास करने के लिए योजना लगभग तैयार है । ग्रेटर नोएडा को दिल्ली से ईएमयू सेवा से पहले ही जोड़ दिया गया है । इस ईएमयू के दादरी, बोड़ाकी, अजायबपुर, और दनकौर में स्टोपेज हैं और इससे केवल 35 मिनट में नई दिल्ली अथवा पुरानी दिल्ली पहुंचा जा सकता है । राइट्स (भारत सरकार का उपक्रम) ने गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को एमआरटीएस (मास रेपिड ट्रांजिट सिस्टम) द्वारा दिल्ली से जोड़ने के लिए एक परिवहन अध्ययन किया है ।

नई रेल परियोजनाएं

दादरी और पश्चिमी गलियारे के बीच बन रहे रेल लिंक से ग्रेटर नोएडा अपनी पूर्व और पश्चिम की मुख्य लाइनों से जुड़ जाएगा । आईएसबीटी, ट्रक टर्मिनल, पर्यटक आवागमन स्थल आदि पर अत्याधुनिक रेलवे हब बनाए जाने की योजना बनाई गई है जहां सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी । इस रेलवे स्टेशन से दिल्ली में यातायात की भीड़ में कमी आएगी ।

हवाई अड्डा

  • ग्रेटर नोएडा, नई दिल्ली के विद्यमान हवाई अड्डे से एक घंटे से भी कम ड्राइव पर है
  • ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • ग्रेटर नोएडा विशेष आर्थिक क्षेत्र में बहु-विध विमान केंद्र
  • ग्रेटर नोएडा शहर से लगभग 20 मिनट की दूरी पर
  • यात्रियों के लिए पर्याप्त वहन क्षमता और विमान कार्गो की सुविधाएं
  • तकनीकी-आर्थिक साध्यता अध्ययन पूरा हो चुका है
  • प्रस्तावित स्थान पर भारत सरकार द्वारा सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है

तथापि, दिल्ली देश में तेजी से प्रगति कर रहा हवाई केंद्र अभी भी बना हुआ है । हवाई अड्डे के शीघ्र ही निजीकरण किए जाने से सुविधाओं और कार्य निष्पादन में जबरदस्त सुधार आने का आशा है ।

कंटेनर डिपो

दिल्ली-हावडा रेल लाइन पर दादरी के निकट ग्रेटर नोएडा में एक अंतर्देशीय कंटेनर डिपो की योजना पहले ही बना ली गई है ; 250 एकड़ जमीन इस डिपो के लिए पहले से ही निर्धारित कर दी गई है । निर्यात के लिए एक कंटेनर ढुलाई स्टेशन की योजना बना ली गई है ।








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