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आबंटन प्रक्रिया


आबंटन की प्रक्रिया

क) पात्रता

कोई व्‍यक्‍ति/फर्म/न्‍यास/सोसाइटी अथवा कोई निगम आवेदन कर सकता है ।

आवेदक संविदा के लिए सक्षम होना चाहिए ।

ख) आबंटन की प्रक्रिया

1) आवेदन कैसे करें

आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें ।

‘ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण’ के नाम 500/- रुपए के डिमांड ड्राफ्ट के साथ विधिवत भरा हुआ आवेदन फॉर्म प्रस्‍तुत करें । विवरणिका और आवेदन फॉर्म 500/- रुपए के भुगतान पर बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्‍सटेंशन काउंटर, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण कार्यालय परिसर, सेक्‍टर-गामा 1, जिला गौतम बुद्ध नगर, पिन-201306 (उत्‍तर प्रदेश) से प्राप्‍त किए जा सकते हैं । आवेदन फॉर्म इस साइट से भी डाउनलोड किए जा सकते हैं । ऐसी स्‍थिति में रजिस्‍ट्रेशन की आवश्‍यक धनराशि के साथ अतिरिक्‍त 500/- रुपए का भुगतान करना होगा ।

कृपया ध्‍यान रखें कि फीस के बगैर प्राप्‍त आवेदन अस्‍वीकार कर दिए जाएंगे ।

उपर्युक्‍त संस्‍थान के लिए तकनीकी प्रस्‍ताव का उल्‍लेख मुहरबंद लिफाफे पर विधिवत रूप से किया जाएगा और इसमें पूर्ण तकनीकी प्रस्‍ताव और दो बैंक ड्राफ्ट होंगे । गैर प्रत्‍यर्पणीय और गैर समायोज्‍य प्रक्रिया शुल्‍क के लिए 500/- रुपए (पाँच सौ रुपए मात्र) का एक बैंक ड्राफ्ट तथा आवेदन के प्रथम एकड़ के लिए 10000/- रुपए (दस हजार रुपए मात्र) की रजिस्‍ट्रेशन राशि का दूसरा बैंक ड्राफ्ट तथा अगले एक एकड़ और उसके भाग के लिए 10000/- रुपए प्रति एकड़ की अतिरिक्‍त रजिस्‍ट्रेशन राशि आवेदन के साथ जमा की जाएगी । सभी मायनों में पूर्ण आवेदन फॉर्म प्रत्‍येक मंगलवार (प्रात: 11.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक) वरिष्‍ठ प्रबंधक (संपत्‍ति) के कार्यालय में स्‍वीकार किए जाएंगे ।

तकनीकी प्रस्‍ताव में निम्‍नलिखित दस्‍तावेज/अंतर्वस्‍तु शामिल होगी :

  • प्रमोटर की पृष्‍ठभूमि ।
  • पिछले तीन वर्ष के संपरीक्षित लेखे और तुलन-पत्र ।
  • प्रस्‍तावित संस्‍थान की साध्‍यता रिपोर्ट ।
  • परियोजना के लिए धनराशि के स्रोत का उल्‍लेख करते हुए संस्‍थान का तीन वर्षों का अनुमानित नकद प्रवाह ।
  • निगमीकण का रजिस्‍ट्रेशन / प्रमाण पत्र ।
  • भूमि प्रयोग की विधि, निर्माण योजना और समय – सारणी का उल्‍लेख करते हुए अपेक्षित भूमि ।
  • धनराशि और नकदी के स्रोतों के विवरण जो किसी राष्‍ट्रीयकृत बैंक / अनुसूचित बैंक द्वारा प्रमाणित हो ।
  • कोई अन्‍य सूचना ।

2) जांच

गठित जांच समिति द्वारा तकनीकी प्रस्‍ताव की जांच की जाएगी । आवेदक को, यदि आवश्‍यक समझा जाता है, अपनी परियोजना पर गहन विचार - विमर्श / प्रस्‍तुतीकरण के लिए आमंत्रित किया जाएगा । प्राधिकरण के अंतिम निर्णय की जानकारी, पूर्ण सूचना / दस्‍तावेज प्राप्‍त होने के 15 दिनों के अंदर आवेदक को दे दी जाएगी । इस संबंध में प्राधिकरण का निर्णय अंतिम होगा । ‘प्राधिकरण’ को कोई कारण बताए बगैर किसी प्रस्‍ताव को स्‍वीकार अथवा अस्‍वीकार करने का अधिकार होगा ।

आवेदक के जांच समिति के समक्ष प्रस्‍तुतीकरण के लिए उपस्‍थित न होने (जब निर्देश दिया जाए) की स्‍थिति में रजिस्‍ट्रेशन निरस्‍त कर दिया जाएगा और आगे किसी नोटिस के बगैर रजिस्‍ट्रेशन राशि प्राधिकरण के पक्ष में जब्‍त कर ली जाएगी ।

ग)भुगतान योजना (अस्‍पतालों से भिन्‍न किंतु नर्सिंग होम सहित)

आबंटन की स्‍थिति में आवेदक को निम्‍नलिखित सारणी के अनुसार भूखंड के प्रीमियम का भुगतान करना होगा ।

  • आरक्षण पत्र के जारी होने के 30 दिनों के अंदर पहले ही भुगतान की गई रजिस्‍ट्रेशन राशि को समायोजित करने के पश्‍चात् ‘आरक्षण धनराशि’ के रूप में कुल प्रीमियम का 10 %
  • आबंटन पत्र जारी होने के 60 दिनों के अंदर ‘आबंटन धनराशि’ के रूप में कुल प्रीमियम का अतिरिक्‍त 20 %
  • शेष 70 % धनराशि का भुगतान देय होगा :-

क) तीन वर्षीय भुगतान योजना - बकाया शेष धनराशि पर लागू ब्‍याज के साथ 12 समान तिमाही किश्‍तों में कुल प्रीमियम का 70%

अथवा

ख) 6 वर्षीय भुगतान योजना - बकाया शेष राशि पर लागू ब्‍याज के साथ 12 समान अर्द्धवार्षिक किश्‍तों में कुल प्रीमियम का 70% ऐसी प्रथम किश्‍त आबंटन की तारीख से 61वें दिन से परिकलित तारीख को देय होगी ।

।।) केवल अस्‍पतालों के लिए भुगतान योजना

  • आबंटन के 30 दिनों के अंदर ‘आबंटन धनराशि’ के रूप में कुल प्रीमियम का 20 %
  • बकाया शेष राशि पर लागू ब्‍याज के साथ 12 समान अर्द्धवार्षिक किश्‍तों में कुल प्रीमियम का शेष 80 %

ऐसी प्रथम किश्‍त, आबंटन की तारीख से एक वर्ष पूरा होने पर देय होगी ।

  1. 1. पूर्ण अथवा आंशिक रूप में पूर्व - भुगतान की अनुमति है । पूर्व - भुगतान के मामलों में ब्‍याज में कोई छूट नहीं दी जाएगी । यदि आबंटी एकमुश्‍त रूप में शेष प्रीमियम के भुगतान का चयन करता है, शेष प्रीमियम पर जमा किए जाने की तारीख तक ब्‍याज आदेय होगा ।
  2. 2. आरक्षण राशि जमा करने के लिए सामान्‍यत: समय नहीं बढ़ाया जाएगा । चूक की स्‍थिति में आबंटन प्रस्‍ताव निरस्‍त कर दिया जाएगा और रजिस्‍ट्रेशन राशि जब्‍त कर ली जाएगी ।
  3. 3. प्राधिकरण को देय किसी धनराशि के जमा करने में चूक की स्‍थिति में, आबंटी/ पट्टाधारक को चूक की अवधि के लिए चूक राशि पर लागू वार्षिक ब्‍याज दर के अलावा 5% अतिरिक्‍त ब्‍याज का भुगतान करना होगा । यह चूक राशि अर्द्धवार्षिक रूप से संयोजित की जाएगी और लागू ब्‍याज दर के अलावा 5% अतिरिक्‍त ब्‍याज के साथ इसका भुगतान किया जाएगा । चूक की स्‍थिति में, प्राधिकरण चूक राशि जमा करने/सुधार के लिए 15 दिन का समय देते हुए एक नोटिस जारी करेगा । ऐसे क्रमश: तीन से अधिक नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे । तीन चूककर्ता नोटिस के पश्‍चात् भुगतान न किए जाने की स्‍थिति में निरस्‍तीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी ।
  4. 4. सभी भुगतान प्राधिकरण को सूचित करते हुए ‘ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण’ के नाम डिमांड ड्राफ्ट के माध्‍यम से किए जाएंगे जो दिल्‍ली/नई दिल्‍ली/नोएडा/ग्रेटर नोएडा में स्‍थित किसी निर्दिष्‍ट अनुसूचित बैंक में देय होंगे ।
  5. 5. आबंटी/पट्टाधारक द्वारा किया गया कोई भुगतान सर्वप्रथम बकाया ब्‍याज, यदि कोई हो, के लिए समायोजित किया जाएगा और तत्‍पश्‍चात् देय किश्‍त और देय पट्टा किराए के लिए समायोजित किया जाएगा ।
    नोट : इस दस्‍तावेज के प्रयोजन के लिए आबंटन पत्र जारी करने की तारीख, आबंटन की तारीख मानी जाएगी ।

घ) स्‍थिति प्रभार

यदि आबंटित भूखंड 45 मीटर अथवा इससे चौड़ी सड़कों पर नॉलेज पार्क के किसी फेज में स्‍थित है तो आबंटी/पट्टाधारक द्वारा पट्टा विलेख के निष्‍पादन से पहले एकमुश्‍त रूप में कुल प्रीमियम के 5 % की दर से स्‍थिति प्रभारों का भुगतान करना होगा, बशर्ते आबंटन 15 एकड़ अर्थात् इससे कम भूमि का हो ।

ड.) जैसे है जहां है के आधार पर

भूखंड का आबंटन, पट्टा विलेख के निष्‍पादन की तारीख से प्रारंभ 90 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर ‘जैसे है जहां है के आधार’ पर किया जाएगा ।

च) क्षेत्रफल

स्‍वामित्‍व सौंपते समय आबंटित भूखंड का क्षेत्रफल मामूली रूप से भिन्‍न हो सकता है । ऐसी भिन्‍नता के कारण इसी अनुपात में भूखंड का प्रीमियम भी भिन्‍न होगा । यदि ऐसा परिवर्तन 10% की सीमाओं के अंदर है तो स्‍थान में किसी परिवर्तन अथवा अभ्‍यर्पण की अनुमति नहीं दी जाएगी । तथापि, यदि ऐसा अंतर 10 % से अधिक है, आबंटी को समान आकार का भूखंड आबंटित कराने अथवा आबंटन अभ्‍यर्पित करने और उसके द्वारा जमा की गई संपूर्ण धनराशि किसी ब्‍याज के बगैर वापस लेने का विकल्‍प होगा ।

छ) पट्टा किराया

भूखंड के प्रीमियम के अतिरिक्‍त, पट्टा विलेख के निष्‍पादन की तारीख से कुल प्रीमियम के 2.5% प्रति वर्ष की दर से पट्टा किराया भी वसूल किया जाएगा और इसका भुगतान अग्रिम रूप से प्रतिवर्ष किया जाएगा । पट्टा किराए के भुगतान में किसी चूक की स्‍थिति में चूक अवधि के लिए चूक राशि पर लागू ब्‍याज दर के अलावा 5 % की दर से अतिरिक्‍त ब्‍याज लिया जाएगा । प्रत्‍येक 10 वर्ष की समाप्‍ति पर वार्षिक पट्टा किराए में वृद्धि की जा सकती है । आबंटी को एकबारीय पट्टा किराए के रूप में पट्टा विलेख के निष्‍पादन की नियत तारीख से पूर्व वार्षिक पट्टा किराए के 11 गुने के बराबर एकमुश्‍त राशि अर्थात् कुल प्रीमियम के 27.5 % के भुगतान का विकल्‍प होगा ।

नोट : यदि आबंटी, पट्टा विलेख के निष्‍पादन के समय वार्षिक पट्टा किराए के भुगतान के विकल्‍प का चयन करता है, बाद में वह उपर्युक्‍त एकबारीय पट्टा किराए के भुगतान के अपने विकल्‍प का प्रयोग कर सकता है ।

ज) असफल आवेदक

असफल आवेदकों की रजिस्‍ट्रेशन राशि आवेदन अस्‍वीकार किए जाने के एक माह के अंदर किसी ब्‍याज के बगैर वापस कर दी जाएगी ।

झ) समर्पण

आबंटी, पट्टादाता/प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी को निरस्‍त्रीकरण से पूर्व भूखंड समर्पित कर सकता है ।

  • आरक्षण पत्र जारी किए जाने की तारीख से 30 दिनों तक 50 % रजिस्‍ट्रेशन राशि काट ली जाएगी ।
  • 30 दिन से आगे किंतु पट्टा विलेख के निष्‍पादन से पूर्व कुल प्रीमियम का 10 % अथवा अभ्‍यर्पण की तारीख तक जमा राशि जो भी कम हो, जब्‍त कर ली जाएगी । शेष राशि, यदि कोई हो, ब्‍याज के बगैर वापस कर दी जाएगी ।
  • पट्टा विलेख के निष्‍पादन के पश्‍चात् किसी समर्पण पर गौर नहीं किया जाएगा ।

नोट : उपर्युक्‍त मामले में अभ्‍यर्पण की तारीख वह तारीख होगी जिसको प्राधिकरण के कार्यालय में आवेदन प्राप्‍त होता है । डाक प्रमाण पत्र के आधार पर बाद में किसी दावे पर गौर नहीं किया जाएगा ।

ञ) पट्टा विलेख का निष्‍पादन और स्‍वामित्‍व

आबंटी, भूखंड के कुल प्रीमियम का 30 % (अस्‍पतालों के मामले में भूखंड के कुल प्रीमियम का 20 %) जमा करने के पश्‍चात् किसी भी समय पट्टा विलेख निष्‍पादित कर सकता है और भूखंड का स्‍वामित्‍व ग्रहण कर सकता है ।

पट्टा विलेख के निष्‍पादन की तारीख, किसी अन्‍य दावे के बावजूद वास्‍तविक भौतिक स्‍वामित्‍व सौंपने की तारीख मानी जाएगी ।

ट) प्रलेखन प्रभार

कानूनी दस्‍तावेज तैयार करने, स्‍टाम्‍प लगवाने और रजिस्‍टर करने तथा इसकी प्रतियों की लागत और व्‍यय तथा अन्‍य सभी प्रासंगिक व्‍यय, आबंटी द्वारा वहन किए जाएंगे तथा वह अचल संपत्‍ति के हस्‍तांतरण पर लगाई गई स्‍टाम्‍प ड्यूटी अथवा इस संबंध में अधिकृत किसी प्राधिकारी द्वारा लगाई गई किसी अन्‍य शुल्‍क अथवा प्रभारों का भी भुगतान करेगा ।

ठ) निर्माण

  1. पट्टाधारक / आबंटी निर्धारित भवन नियंत्रण और संबंधित निर्माण विनियमों तथा प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए किसी विशेष निर्देश के अनुसार, पट्टादाता से निर्माण योजना की समुचित स्‍वीकृति प्राप्‍त करने के पश्‍चात् ही संस्‍थान की चारदीवारी और भवन का निर्माण करेगा ।
  2. क) आबंटी / पट्टाधारक न्‍यूनतम संभावित समय में कार्य प्रारंभ करेगा जिसके लिए उसे भूमि आबंटित की गई है । इस तथ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए प्राधिकरण, आबंटी / पट्टाधारक के परामर्श से निर्माण सारणी तैयार करेगा और आबंटी / पट्टाधारक द्वारा उसका पालन किया जाएगा ।

    ख) पट्टाधारक अनुमोदित भवन योजना के अनुसार और प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित निर्माण सारणी के अनुसार निर्माण करेगा ।

    ग) ऐसा करने में विफलता की स्‍थिति में प्रथम 6 माह किसी जुर्माने के बगैर अनुग्रह अवधि की अनुमति दी जाएगी, अगले 6 माह के लिए भूखंड के कुल प्रीमियम का एक प्रतिशत जुर्माना होगा, दूसरे वर्ष के लिए क्रमिक चार तिमाहियों के लिए एक प्रतिशत प्रति तिमाही की दर से जुर्माना लगाया जाएगा और तत्‍पश्‍चात् अगले तीन वर्षों तक 0.5 % प्रति माह जुर्माना वसूल किया जाएगा । इस प्रकार भूखंड के कुल प्रीमियम पर उपर्युक्‍त प्रतिशत जुर्माने के साथ अधिकतम 5 वर्षों तक समय वृद्धि प्रदान की जाएगी ।

    घ) यदि आवेदक, प्रयोजन के लिए निर्धारित समयावधि में अथवा बढ़ाई गई समयावधि में कार्य जिसके लिए भूमि आबंटित की गई है, प्रारंभ करने में विफल रहता है, आबंटन/पट्टा निरस्‍त / नियत किया जा सकता है । ऐसे निरस्‍तीकरण अथवा निर्धारण पर 20 % प्रीमियम जब्‍त कर लिया जाएगा और पट्टादाता को भूखंड और उस पर निर्मित किसी संरचना का स्‍वामित्‍व पुन: प्राप्‍त हो जाएगा और आबंटी को उसके मुआवजे का कोई दावा करने का अधिकार नहीं होगा । शेष जमा राशि किसी ब्‍याज के बगैर वापस कर दी जाएगी ।

ड) अनुरक्षण

  1. आबंटी प्राधिकरण के संबंधित विभागों से अथवा इस संबंध में सक्षम प्राधिकारी से सीवर व्‍यवस्‍था, बिजली और पानी के कनेक्‍शन की अनुमति स्‍वयं अपने खर्चे पर प्राप्‍त करेगा ।
  2. पट्टाधारक, पट्टे पर लिए गए परिसर और भवनों को :
    1. हर समय अच्‍छी स्‍थिति में रखेगा और पट्टादाता की संतुष्‍टि के अनुरूप पर्याप्‍त मरम्‍मत करेगा और साफ-सुथरी स्‍थिति में रखेगा ।
    2. और उपलब्‍ध सुविधाएं एवं आसपास साफ-सफाई होगी, और निवासियों की सुविधा के अनुरूप अच्‍छी और सुरक्षित स्‍थिति में रखेगा ।
  3. कि पट्टाधारक उत्‍तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 की धारा 8, 9 और 10 अथवा किसी अन्‍य प्रावधान के अंतर्गत बने / जारी किए गए सभी विनियमों, उपविधियों और प्राधिकरण के दिशानिर्देशों तथा उसके तहत बने नियमों का पालन करेगा ।
  4. इन निबंधनों और शर्तों एवं प्राधिकरण के किसी निर्देश का अनुपालन न करने की स्‍थिति में प्राधिकरण को ऐसा जुर्माना लगाने का अधिकार होगा जिसे मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी उचित और / अथवा व्‍यावहारिक समझे ।
  5. यदि किसी क्षेत्र के कार्य का अनुरक्षण प्राधिकरण के अनुसार संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो अपेक्षित अनुरक्षण कार्य प्राधिकरण द्वारा कराया जाएगा और ऐसे कार्यों पर हुआ व्‍यय आबंटी द्वारा वहन किया जाएगा ।
  6. पट्टाधारक कोई पोस्‍टर, मूर्ति अथवा अन्‍य वस्‍तु का प्रदर्शन अथवा नुमाइश नहीं करेगा जो नैतिकता के विरुद्ध हैं अथवा अशोभनीय अथवा अनैतिक है ।
  7. पट्टाधारक भवन की बाह्य दीवार के किसी भाग में कोई विज्ञापन अथवा इश्‍तहार का प्रदर्शन अथवा नुमाइश नहीं करेगा सिवाय उसके जिसका निर्माण स्‍वामित्‍व परिसर पर किया जाएगा अथवा पट्टादाता द्वारा इस प्रयोजन के लिए विनिर्दिष्‍ट स्‍थान पर होगा ।

ढ) बंधक रखना

आबंटी / पट्टाधारक, पट्टादाता की पूर्व लिखित सहमति से और अनुमति प्रदान करते समय पट्टादाता द्वारा यथा निर्धारित ऐसे निबंधनों और शर्तों के अध्‍यधीन संस्‍था के लिए धन जुटाने के उद्देश्‍य से ऋण प्राप्‍त करने के लिए भूमि को किसी सरकारी मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍था के पास बंधक रख सकता है ।

बशर्ते कि बंधक रखी गई अथवा प्रभारित संपत्‍ति की बिक्री अथवा मोचन – निषेध की स्‍थिति में पट्टादाता उक्‍त बंधक प्रभार पर प्राथमिकता रखते हुए प्रथम प्रभार के रूप में उक्‍त भूमि के मूल्‍य में अनर्जित वृद्धि के पट्टादाता द्वारा यथानिर्धारित ऐसे प्रतिशत का दावा और वसूल करने का हकदार होगा । उक्‍त भूमि के बाजार मूल्‍य के संबंध में पट्टादाता का निर्णय अंतिम होगा और सभी संबंधित पक्षकारों पर बाध्‍यकारी होगा बशर्ते कि पट्टादाता को पूर्वोक्‍त अनर्जित वृद्धि के पट्टादाता द्वारा यथानिर्धारित ऐसे प्रतिशत की कटौती करने के पश्‍चात् बंधक अथवा प्रभारित संपत्‍ति की खरीद का पूर्व क्रय अधिकार होगा ।

पट्टादाता का अनर्जित वृद्धि की वसूली का अधिकार और यथा उल्‍लिखित संपत्‍ति की खरीद का पूर्व क्रय अधिकार अनैच्‍छिक बिक्री अथवा हस्‍तांतरण, चाहे यह दिवाला न्‍यायालय डिक्री के निष्‍पादन के द्वारा हो अथवा के माध्‍यम से, समान रूप से लागू होगा ।

ण) भूखंड का हस्‍तांतरण

आबंटी / पट्टाधारक, पट्टादाता की पूर्व लिखित अनुमति के बगैर भवन निर्माण से पहले अथवा उसके पश्‍चात् भूखंड के हस्‍तांतरण का हकदार नहीं होगा । यह अनुमति इस शर्त पर दी जाए कि भूखंड का हस्‍तांतरण समान प्रकार की संस्‍था अथवा प्रयोजन के लिए हो और ऐसे निबंधनों और शर्तों के अध्‍यधीन हो जिसमें अनुमति प्रदान करने के समय पट्टादाता द्वारा यथा निर्धारित हस्‍तांतरण प्रभार का भुगतान भी शामिल है । पट्टादाता का निर्णय अंतिम और बाध्‍यकारी होगा ।

त) दुरुपयोग, विस्‍तार, परिवर्तन आदि

आबंटी / पट्टाधारक, भूमि का उपयोग ऐसे किसी भिन्‍न प्रयोजन के लिए नहीं करेगा जिसके लिए वह आबंटित की गई है / पट्टे पर दी गई है । पट्टाधारक / आबंटी, प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी अथवा मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी द्वारा अधिकृत प्राधिकरण के किसी अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बगैर भूखंड का विभाजन करने अथवा किसी अन्‍य भूखंड के साथ इसका विलय करने का हकदार नहीं होगा । उपर्युक्‍त शर्तों के उल्‍लंघन की स्‍थिति में आबंटन निरस्‍त कर दिया जाएगा और परिसर एवं उसमें निर्मित संरचना, यदि कोई हो, के साथ उसका स्‍वामित्‍व प्राधिकरण के पास आ जाएगा ।

थ) करों के भुगतान का दायित्‍व

आबंटी / पट्टाधारक, भूखंड के संबंध में सभी दरों, करों, प्रभारों, प्रयोक्‍ता शुल्‍क और समय समय पर इस संबंध में अधिकार प्राप्‍त प्राधिकारी द्वारा लगाए गए प्रत्‍येक कर का भुगतान करने के लिए जिम्‍मेदार होगा चाहे ऐसे प्रभार भूखंड पर लगाए जाएं अथवा उस पर निर्मित भवन पर ।

द) निष्‍क्रिय संपत्‍तियों पर अविभावी अधिकार

पट्टादाता का भूखंड में अथवा उसके नीचे सभी खदानों, खनिजों, कोयला, वाशिंग गोल्‍ड, भूमिगत तेलों, खानों पर अधिकार सुरक्षित होगा और भूखंड (भूखंडों) की सतह के लिए अथवा उस पर उस समय निर्मित संरचनाओं हेतु किसी ऊर्ध्‍वाधर अवलंब की व्‍यवस्‍था किए बगैर अथवा रखे बगैर कार्य करने, प्राप्‍त करने, हटाने अथवा उसका लाभ प्राप्‍त करने के लिए खोज के प्रयोजन हेतु आवश्‍यक अथवा उचित ऐसे सभी कार्य किसी भी समय करने का पूर्ण अधिकार और शक्‍ति होगी, बशर्ते पट्टादाता एतद्द्वारा प्रारक्षित अधिकारों का प्रयोग करने से हुई सभी प्रत्‍यक्ष क्षतियों के लिए आबंटी/पट्टादाता की सदैव उचित क्षतिपूर्ति करेगा । ऐसे मुआवजे की राशि के संबंध में मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी का निर्णय अंतिम होगा और आवेदक पर बाध्‍यकारी होगा ।

ध) निरस्‍तीकरण

निरस्‍तीकरण से संबंधित अन्‍य विशिष्‍ट खंडों के अतिरिक्‍त, प्राधिकरण/पट्टादाता, जो भी स्‍थिति हो, निम्‍नलिखित के मामले में पट्टा / आबंटन निरस्‍त करने के अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए स्‍वतंत्र होगा :

  1. आबंटन गलत सूचना देकर / तथ्‍य छिपाकर प्राप्‍त किया गया है ।
  2. जारी किए गए निर्देशों अथवा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अथवा किसी अन्‍य सांविधिक निकाय द्वारा बनाए गए नियमों एवं विनियमों का कोई उल्‍लंघन ।
  3. रजिस्‍ट्रेशन आबंटन / पट्टे के निबंधनों एवं शर्तों से विचलन / उल्‍लंघन और / अथवा आरक्षण धनराशि जमा न करने में आवेदक आबंटी / पट्टाधारक की ओर से कोई चूक ।

उपर्युक्‍त उपखंड (1) के अंतर्गत निरस्‍तीकरण की स्‍थिति में निरस्‍तीकरण की तारीख तक जमा संपूर्ण धनराशि जब्‍त कर ली जाएगी और भूखंड और उस पर निर्मित संरचना, यदि कोई हो, का स्‍वामित्‍व प्राधिकरण / पट्टादाता को प्राप्‍त होगा और आबंटी / पट्टाधारक को उसके लिए मुआवजे का कोई दावा करने का कोई अधिकार नहीं होगा ।

उपर्युक्‍त उपखंड (2) और (3) के अंतर्गत निरस्‍तीकरण की स्‍थिति में कुल प्रीमियम का 20 % अथवा निरस्‍तीकरण की तारीख तक जमा धनराशि, जो भी न्‍यूनतम हो, जब्‍त कर ली जाएगी और शेष धनराशि, यदि कोई हो, ब्‍याज के बगैर वापस कर दी जाएगी ।

न) अन्‍य खंड

  1. पट्टाधारक का समय समय पर ऐसे निर्णय लेने / रजिस्‍ट्रेशन / आबंटन / पट्टे के निबंधन एवं शर्तों में परिवर्तन / सुधार करने का अधिकार सुरक्षित है जो पट्टाधारक उचित और व्‍यावहारिक समझे ।
  2. इन निबंधनों एवं शर्तों के संबंध में किसी स्‍पष्‍टीकरण अथवा व्‍याख्‍या की स्‍थिति में पट्टादाता का निर्णय अंतिम होगा और आवेदक आबंटी / पट्टाधारक पर बाध्‍यकारी होगा ।
  3. यदि ‘अनिवार्य बाध्‍यता’ के कारण अथवा ऐसी परिस्‍थितियों के कारण जो प्राधिकरण के नियंत्रण से परे हैं, प्राधिकरण आबंटन करने में अथवा आबंटित भूखंड का स्‍वामित्‍व देने में असमर्थ है, संपूर्ण रजिस्‍ट्रेशन धनराशि अथवा आबंटन के स्‍तर के आधार पर जमा राशि ब्‍याज के बगैर वापस कर दी जाएगी ।
  4. रजिस्‍ट्रेशन / आबंटन / पट्टा के संचालन, उत्‍तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम, 1976 (वर्ष 1976 का उत्‍तर प्रदेश अधिनियम संख्‍या 6) के प्रावधानों और उक्‍त अधिनियम के तहत बने नियमों और / अथवा विनियमों अथवा जारी किए गए निर्देशों के तहत होगा ।
  5. प्राधिकरण परियोजना के कार्यान्‍वयन पर निगरानी रखेगा । ऐसे आवेदक जो निर्धारित समय सीमाओं में परियोजनाओं को लागू करने के प्रति दृढ़ संकल्‍प नहीं हैं उन्‍हें आबंटन न लेने का परामर्श दिया जाता है ।
  6. पट्टादाता को देय सभी बकाया राशि भूमि राजस्‍व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी ।
  7. पट्टादाता और पट्टाधारक / उप पट्टाधारक के बीच कोई विवाद गौतमबुद्ध नगर के सिविल न्‍यायालय अथवा दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय द्वारा निर्दिष्‍ट न्‍यायालयों के क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार के अध्‍यधीन होगा ।







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